आदिवासी लोक कथाए
” आदिवासी लोककथाएं ” इस पुस्तक में आदिम जनजाति समुदाय की मिथक कथाएं है। ये कथाए आदिम जनजाति समुदाय में वाचिक परम्परा के अन्तर्गत व्याप्त है ,जिन्हें संभवत: अब तक लिपिबद्ध नहीं किया गया था । मुझे लगा कि इन कथाओं की खोज की जाकर इन्हें एक स्थान पर एकत्र की जाए । इन बिखरी हुई मिथक कथाओं को सिलसिलेवार लिपिबिद्ध किया गया है। ये कथाएं रिगवेद की स्मरण दिलाती है। इसका कारण यह हो सकता है कि जनजाति समुदाय आदि समय से सूर्य,चन्द्रमा,अग्नि,जल,वायु आकाश,पेड पौधे इसी तरह वे पूजा किया करते थे और आज भी कर रहे है।
प्रकाशक ,अखिल भारती 3014,चर्खेवालान,दिल्ली-110006
कृष्णशंकर
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