रविवार, 20 नवंबर 2011

संवेदनाओं के स्वर

‘संवेदनाओं के स्वर

aडा कृष्णशंकर सोनाने व्दारा रचित कविताओं का संग्रह ‘ बौराया मन ‘। डा सोनाने विशेषतः प्रेम के कवि है।मानवीय और सामाजिक संवेदनाओं और सरोकारों का अनूठा संगम ‘बौराया मन ‘ में देखने को मिलेगा।’बौराया मन ‘ को पढ़कर प्रसिद्ध साहित्यकार श्री अक्षय कुमार जैन ने कहा,डा सोनाने वस्तुतः प्रेम के कवि है,उनकी लेखनी में मानवीय संवेदनाओं की भरमार है।ऐसा लगता है,सारा विश्व उनमें समाया हुआ है। ‘बौराया मन ‘ की तरह डा कृष्णशंकर सोनाने ने ‘संवेदनाओं के स्वर ‘ कविता संग्रह में भी अपना सारा प्रेम विश्व पर उढे़ल दिया है। उक्त दोनों कृतियाँ न केवल पठनीय है बल्कि संग्रहणीय है। प्रेम क्या होता है,यदि आपको जानना है तो डा कृष्णशंकर सोनाने की कविताओं में देखने को मिलेगा।

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