रविवार, 20 नवंबर 2011

वेदना

वेदना

aप्रसिद्ध साहित्यकार प्रो अक्षय कुमार जैन ने ठीक ही कथा कि डा शंकर सोनाने प्रेम के कवि है। ‘ वेदना ‘ प्रबंध काव्य के प्रथम संस्करण का प्रकाशन 1976 में हुआ था जिस समय उनकी आयु मात्र चौबीस वर्ष की थी। प्रख्यात समीक्षक,किसी, ने कहा था कि ‘ वेदना ‘ पढ़कर हमें ऐसा प्रतीत होता है जैसे कि वे जयशंकर प्रसाद की कृति ‘आँसू’ पढ़कर प्रतीत होता है। ‘ वेदना ‘प्रबंध काव्य पढ़ना ही ‘आँसू’ पढ़ने जैसा है। इस अव्दितीय कृति की ओर अभी तक किसी का ध्यान नहीं गया है। अनेकों बार पढ़ने के लिए मन करता है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें